जीन पियाजे | |
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![]() Piaget at the University of Michigan, c. 1968 | |
जनम | Jean William Fritz Piaget 9 अगस्त 1896 Neuchâtel, Switzerland |
निधन | 16 सितंबर 1980 Geneva, Switzerland | (उमिर 84)
काम के क्षेत्र | Developmental psychology, epistemology |
अल्मा मैटर | University of Neuchâtel |
Known for | Constructivism, Genevan School, genetic epistemology, theory of cognitive development, object permanence, egocentrism |
जीन विलियम फ्रिट्ज पियाजे (अंग्रेजी: Jean William Fritz Piaget; UK: /piˈæʒeɪ/,[1][2] US: /ˌpiːəˈʒeɪ, pjɑːˈʒeɪ/,[1][3][4][5][6] French: [ʒɑ̃ pjaʒɛ] फ्रेंच: ज़ाँ प्याज़े) (9 अगस्त 1896 — 16 सितंबर 1980) एगो स्विस साइकोलॉजिस्ट रहलें जिनके लड़िकन के बिकास (चाइल्ड डेवेलपमेंट) पर काम करे खातिर जानल जाला। पियाजे के कॉग्निटिव डेवेलपमेंट थ्योरी आ इनके एपिस्टोमलॉजिकल नजरिया के एक साथे "जेनेटिक एपिस्टोमॉलजी" के नाँव से जानल जाला।
पियाजे छोट बच्चा सभ के शिक्षा के बहुत महत्त्व दिहलें। इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ़ एजुकेशन के डाइरेक्टर के रूप में ऊ 1934 में घोषणा कइलें कि "हमनी के समाज के भहरा जाये से, चाहे ऊ हिंसात्मक होखे चाहे धीरे-धीरे क्रम से, बस शिक्षे बचावे में सक्षम बाटे"। इनके बाल बिकास के थ्योरी शिक्षा देवे वाला लोगन के ट्रेनिंग के दौरान पढ़ावल जाला। शिक्षा देवे वाला एजुकेटर लोग एह पर आधारित रचनात्मक-आधार वाली रणनीति बनावे ला।
पियाजे जेनेवा में इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक एपिस्टोमॉलजी के 1955 में अस्थापना कइलें जब ऊ जेनेवा युनिवर्सिटी में फेकल्टी रहलें आ एह संस्थान के 1980 में अपना निधन ले डाइरेक्टर रहलें। एह सेंटर के अस्थापना से जेतना सहजोग-संबंध अध्ययन जगत में संभव भइलें, उनहन के जेतना परभाव परल, अंत में सेंटर के "पियाजे के फैक्ट्री" कहल जाये लागल।
अर्न्स्ट फॉन ग्लासर्फील्ड के मोताबिक, पियाजे "जाने के कंस्ट्रक्टिव थ्योरी के महान अगुआ रहलें"। हालाँकि, इनके बिचारन के 1960 के दशक ले पापुलरिटी ना मिल पावल। एकर परभाव ओह समय ई भइल कि मनोबिज्ञान के उपशाखा केरूप में अध्ययन के उद्भव भइल। 20वीं सदी के अंत ले, पियाजे, बी. एफ. स्किनर के बाद, ओह जमाना के दुसरा सभसे बेसी हवाला दिहल जाये वाला साइकोलाजिस्ट बन गइलें।
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