![]() | ई लेख एक ठो बहुत हाल के घटना के बर्णन करत बाटे। घटना के प्रगति के अनुसार जानकारी में तेजी से बदलाव संभव बाटे, आ सुरुआती समाचार रपट बहुत बिस्वास जोग नाहिंयो हो सके लीं। हो सके ला कि एह लेख के अंतिम अपडेट सभसे नया जानकारी ना बतावत होखे। |
भारत में कोरोनावायरस महामारी | |
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![]() भारत में महामारी के बिस्तार के नक्शा (25 मार्च तक ले)।
100+ कन्फर्म केस
50–99 कन्फर्म केस
10–50 कन्फर्म केस
1–9 कन्फर्म केस | |
![]() भारत में महामारी से मौत (22 मार्च तक ले)।
1–9 death cases | |
बेमारी | कोविड-19 |
वायरस | सार्स-कोव-2 |
लोकेशन | भारत |
Index case | त्रिशूर, केरल[1] |
Arrival date | 30 जनवरी 2020 |
कन्फर्म केस | 649[2] |
चालू केस | 593[2] |
Recovered | 42[2] |
Deaths | 13[2] |
Territories | 21 राज्य, 5 संघराज्यक्षेत्र[2] |
सरकारी वेबसाइट | |
www |
भारत में 2019–20 कोरोनावायरस महामारी के पहिला केस 30 जनवरी 2020 के दर्ज कइल गइल; एह बेमारी के सुरुआत चीन के वुहान से भइल रहल। 1 फरवरी 2025 तक ले, भारतीय मेडिकल रिसर्च काउंसिल आ स्वास्थ अउरी परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा कुल 649 केस, 42 लोग के ठीक होखल, 1 ब्यक्ति के बाहर प्रवास 13 मौत सभ के जानकारी कन्फर्म कइल गइल बाटे।
एह रोग के परकोप के चलते एक दर्जन से बेसी राज्य सभ में एकरा के महामारी घोषित कइल गइल बाटे जहाँ महामारी एक्ट, 1897 के बिधान लागू कइल गइल बाड़ें आ शिक्षा संस्थान आ अउरी कई किसिम के बानिज्यिक संस्था सभ के बंद कइल गइल बाटे। सगरी टूरिस्ट वीज़ा सभ के सस्पेंड क दिहल गइल बाटे काहें से के ज्यादातर मामिला सभ बाहर से आवे वाला लोगन में दर्ज कइल गइल बाटे।
22 मार्च 2020 के प्रधानमंत्री के कहनाम अनुसार 14-घंटा के ख़ुद जनता द्वारा कर्फ्यू बितावल गइल। एकरे बाद सरकारी रूप से 75 जिला सभ के बड़ शहरन में तालाबंदी लगावल गइल जहाँ-जहाँ बेसी मामिला दर्ज भइल रहलें।[3][4] आगे चल के, 24 मार्च के परधानमंत्री के संबोधन के बाद 21 दिन के तालाबंदी पूरा देस में लागू कइल गइल जेकरा चलते सगरी 1.3 बिलियन लोग परभावित बा।[5]
भारत में सभसे पहिला तीन केस इहाँ के केरल राज्य में मिललें, ई तीनों जने चीन के वुहान से आइल बिद्यार्थी रहल लोग।[6] रोग के संक्रमण के बढ़ती तेज तब भइल जब मार्च के महीना में पूरा देस भर से कई मामिला सोझा अइलें। इनहना में जादेतर केस अइसन लोग से जुड़ल रहलें जे लोग एह बेमारी से ग्रसित देस सभ के यात्रा कइले रहे। 10 मार्च के कुल केस के संख्या 50 पहुँच गइल।[7] 12 मार्च के एगो 76-साल के ब्यक्ति जे सऊदी अरब से आइल रहलें एह रोग से मरे वाला पहिला ब्यक्ति बनलें। कुल केस 15 मार्च के 100 पहुँचल आ 20 मार्च के 250 भइल, आ 24 मार्च के ई गिनती 500 पार क गइल। 24 मार्च तक ले कुल मौत 10 रहल।
'Prepare, but don't panic' has been India's guiding mantra in dealing with the virus outbreak. Our region has reported less than 150 coronavirus cases, but we need to remain vigilant. Step-by-step approach helped avoid panic, made special efforts to reach out to vulnerable groups.
13 मार्च के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ई प्रस्ताव रखलें कि सार्क देस सभ आपस में मिल के एह महामारी से लड़ें आ उनके अइसन आइडिया के नेपाल, मालदीव, श्री लंका आ भूटान के देसन द्वारा स्वागत कइल गइल।[9] 15 मार्क के सार्क देस सभ के नेता लोग के साथे एगो वीडियो कांफ्रेंसिंग के[8] सार्क देसन खातिर परधानमंत्री ₹74 करोड़ (US$10 मिलियन) के COVID-19 इमरजेंसी फंड बनावे के घोषणा कइलेन।[8]
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मोदी जी20 समूह के एगो वर्चुअल कांफ्रेस करे के कहलें जवना से कि COVID-19 के निपटे के तरीका पर चर्चा हो सके आ बैस्विक अर्थब्यवस्था के एकरे परभाव से बचावे पर बात हो सके। उनका एह कदम के तारीफ भइल आ रूस, अमेरिका आ सऊदी अरब नियर देस एकर समर्थन कइलेन।[10]
19 मार्च के मोदी लोगन से अतवार, 22 मार्च के सबेरे 7 बजे से 9 बजे रात ले 'जनता कर्फ्यू' (माने ख़ुद अपने ऊपर कर्फ्यू मान लेवे) के कहलें।[11][12] ऊ सभ भारतीय लोग से अपना घरे में रहे के कहलें कि कुछ हप्ता घर से काम करें।[13] अपना घर के बालकनी आ छत पर आ के ओही दिन 5 बजे ताली या थरिया बना के इमरजेंसी सर्विस सभ में काम करे वाला लोग के, डाक्टर लोग, पुलिस वाला आ सरकारी कर्मचारी, होम डिलीवरी करे वाला नियर सभ लोग के उत्साह बढ़ावे खातिर कहलें। कोविड आर्थिक रिस्पांस टास्क फोर्स के गठन करे के घोषणा भी एह लाइव संबोधन में कइल गइल।[14]
कर्फ्यू के दिने साँझ के बेरा मोदी जी कई गो ट्वीट कइलेन: "जनता कर्फ्यू COVID-19 के खिलाफ लड़ाई के एगो सुरुआत भर बाटे"। लोगन के एकरा के पूरा करे खातिर कहलें आ एकरे भर के सफलता न मान लेवे के कहलें। जहाँ जिला में तालाबंदी लागू रहल उहाँ लोगन से घरे से बाहर न निकले के कहलें।[15]
24 के मोदी एक बेरी अउरी देस के संबोधित कइलेन। एह संबोधन में ऊ कहलें कि, "आप सभ ई देख रहल बाड़ीं कि दुनिया के सभसे एडवांस देस सभ ले एह महामारी के सोझा एकदम बेसहारा बाड़ें...सगरी तइयारी आ कोसिस के बावजूद कोरोनावायरस एतना तेजी से फइल रहल बाटे कि ई देस सभ क्राइसिस के मैनेज करे में मुश्किल में बाड़ें।" कहलें कि एकलौता तरीका बाटे कि एकरा चक्र के सोशल डिस्टेंसिंग से तूरल जाय।[16] ऊ पूरा देस भर में तालाबंदी के घोषणा कइलेन जे 21 दिन खाती लागू रही।[17] एह समय में लोग से अपना घर में रहे के कहल गइल बाटे।[18][19]
उनके द्वारा सेहत सुबिधा सेक्टर खातिर ₹15,000 करोड़ (US$2.1 बिलियन) मदद के घोषणा कइल गइल बाटे। एह पइसा के इस्तमाल टेस्ट सुबिधा बनावे, पर्सनल प्रोटेक्टिव एक्विपमेंट (पीपीई) बनावे, आइसीयू बनावे आ वेंटिलेटर बनावे खाती कइल जाई अउरी मेडिकल कर्मचारी लोग के ट्रेनिंग देवे खाती इस्तमाल होखी।[20]
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