ॐ, ओम् या ओंकार हिंदू, बौद्ध आ जैन धर्म में पबित्र मानल जाये वाला ध्वनि आ चीन्हा हवे।[1][2] ई बहुधा मंत्र के सुरुआत में जोड़ल जाला आ खुद में अपने आप भी मंत्र हवे। एकरा के प्रणव भी कहल जाला।
"ॐ" एक पवित्र मंत्र ह, जेकरा के हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण ध्वनि मानल जाला। एकरा के ब्रह्मांड के मूल ध्वनि कहल जाला, जेकरा से सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होला आ मानसिक आ शारीरिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ेला। नीचे "ॐ" के उच्चारण से होखे वाला मुख्य लाभ के वर्णन बा।
"ॐ" के नियमित उच्चारण से मन शांत रहेला। ई ध्वनि दिमाग के तनाव कम करेला आ चिंता दूर करेला। अगर रोज सुबह आ रात के "ॐ" बोले जाला, त माइंड रिलैक्स होखेला आ पॉजिटिव फील होखेला।
जे लोग पढ़ाई करे ला या दिमागी काम में लागल रहेला, ओकरा खातिर "ॐ" के जप बहुत फायदेमंद होला। ई दिमाग के शक्ति बढ़ावेला आ एकाग्रता (Concentration) में सुधार करेला।
"ॐ" बोले में गहरी सांस लेहल आ छोड़े के प्रक्रिया होला, जेकरा से फेफड़ा के मजबूती मिलेला। जिनका सांस लेहला में दिक्कत होला, उ लोग "ॐ" के जप से अपना श्वसन तंत्र के मजबूत बना सकेला।
"ॐ" के उच्चारण से ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) नियंत्रित रहेला आ दिल के गति (Heart Rate) सामान्य रहेला। ई हृदय रोग से बचाव करे ला आ शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) के बेहतर बनावेला।
"ॐ" के जप से शरीर आ मन में पॉजिटिव एनर्जी आवे ला। घर में भी अगर "ॐ" के उच्चारण कइल जाला, त घर के माहौल में शांति आवे ला आ नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) दूर होखेला।
ध्यान (मेडिटेशन) करे वाला लोग "ॐ" के उच्चारण से जल्दी गहरी ध्यान अवस्था में जा सके ला। ई आत्मा से जुड़ाव करावेला आ मानसिक स्पष्टता (Mental Clarity) बढ़ावेला।
"ॐ" बोले से पेट के मांसपेशी (Abdominal Muscles) एक्टिव होखेला, जेकरा से पाचन शक्ति बढ़ेला। कब्ज, गैस आ पेट से जुड़ल दिक्कत में आराम मिले ला।
जे लोगन के आत्मविश्वास (Self-Confidence) कम होला, उ लोग अगर रोज "ॐ" बोले, त आत्मबल बढ़े ला। ई मन में सकरात्मक सोच लावेला आ खुद पर भरोसा बढ़ावेला।
"ॐ" के जप से मन में आवे वाला खराब सोच आ नकारात्मक विचार धीरे-धीरे खत्म हो जाला। ई मानसिक शांति देला आ इंसान के ज्यादा खुशहाल बनावेला।
जे लोग के रात में नींद ठीक से ना आवे, उ लोग अगर सोवे से पहिले 10-15 मिनट "ॐ" के उच्चारण करेला, त नींद जल्दी आवे ला आ गहरी नींद होखेला।
सबसे बढ़िया समय भोर में होखेला, खासकर सूरज निकलला के पहिले। ई समय वातावरण शांत रहेला, आ "ॐ" के ध्वनि पूरा शरीर पर गहरा असर डालेला। खाली पेट "ॐ" बोले से शरीर में ताजगी आ ऊर्जा आवे ला।
जे लोग रोज ध्यान (Meditation) करे ला, उ लोग ध्यान से पहिले या ध्यान के दौरान "ॐ" के जप कर सके ला। ई मन के स्थिर करेला आ ध्यान में गहरा एकाग्रता लावे ला।
अगर दिनभर काम में तनाव रहेला, त ऑफिस जाए से पहिले 5-10 मिनट "ॐ" बोले से मन शांत होखेला आ काम में फोकस बढ़ेला। ई तरीका विद्यार्थी लोग खातिर भी फायदेमंद बा।
अगर रात में नींद ठीक से ना आवे, त सोवे से पहिले 5-10 मिनट "ॐ" बोले से माइंड रिलैक्स होखेला आ गहरी नींद मिले ला। ई तरीका अनिद्रा (Insomnia) से जूझे वाला लोग खातिर खासकर फायदेमंद होला।
अगर दिमाग में बहुत ज्यादा टेंशन हो, चिंता सतावे या गुस्सा आवे, त तुरंत 5-10 मिनट "ॐ" बोले से मानसिक शांति मिले ला आ नकारात्मकता दूर होखेला।
भगवान के भक्ति करे के समय "ॐ" बोले से पूजा में सकारात्मक ऊर्जा आवे ला। कई लोग मंत्र जप करे से पहिले "ॐ" बोले के आदत बना ले ला, जेकरा से ध्यान ज्यादा केंद्रित होखेला।
"ॐ" के जप करे के सही समय भोर में होला, लेकिन जब भी मन अशांत होखे, तनाव महसूस होखे या फोकस बढ़ावे के जरूरत होखे, त तबो "ॐ" के उच्चारण फायदा करेला।
अलग-अलग लिपि में "ॐ" | ||||||||||||||||||||||||||||
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