"मिले सुर मेरा तुम्हारा" | |
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गीत | |
भाषा(एँ) | हिंदी, असमिया, गुजराती, कन्नड़, बांग्ला, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू |
रिलीज़ | 15 अगस्त 1988 |
दर्ज | 1988 |
संगीतकार | भीमसेन जोशी |
लिरिककर्ता | पीयूष पांडे |
निर्माता | कोना प्रभाकर राव, आरती गुप्ता और कैलाश सुरेन्द्रनाथ, भारतीय लोक सेवा संचार परिषद् के साथ |
एक सुर अथवा मिले सुर मेरा तुम्हारा एक भारतीय गीत है जो गाने और वीडियो के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता को बढ़ावा देता है।
मिले सुर की अवधारणा सन् 1988 में लोक सेवा संचार परिषद् द्वारा विकसित किया गया था।[1] इसे दूरदर्शन (तब भारत का एकमात्र टीवी प्रसारक) और भारत के सूचना मंत्रालय द्वारा प्रचारित किया गया था।[2] इस गीत की रचना भीमसेन जोशी ने की थी और इसके बोल पीयूष पांडे ने लिखे थे। इस गीत को सभी क्षेत्रों के लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें भारतीय मशहूर हस्तियाँ, संगीतकार, खिलाड़ी, फ़िल्म सितारे इत्यादि शामिल थे।[3]
ऐसा कहा जा सकता है कि इस वीडियो का उद्देश्य भारतीयों में गर्व की भावना पैदा करना, भारत के विभिन्न भाषाई समुदायों और समाजों पर प्रकाश डालना और विविधता में एकता को बढ़ावा देना था।[2]
मिले सुर को पहली बार सन् 1988 में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के भाषण के प्रसारण के बाद जारी किया गया था।[4]
मिले सुर गीत में हिंदी (भीमसेन जोशी और लता मंगेशकर इत्यादि), के साथ क्रमश: कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी, उर्दू, तमिल, कन्नड़, तेलुगू, मलयालम, बांग्ला, असमिया, उड़िया, गुजराती और मराठी भाषाएँ थीं।[5] (सन् १९८८ में भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में तब मौजूद भाषाओं में)
धुन की शुरुआत के बीस साल बाद इसे 26 जनवरी 2010 को ज़ूम टीवी द्वारा प्रसारण के लिए नए कलाकारों के साथ फिर से रिकॉर्ड किया गया था। "फिर मिले सुर मेरा तुम्हारा" शीर्षक वाले इस संस्करण में वर्तमान पीढ़ी के भारतीय संगीतकार, गायक, खिलाड़ी और फ़िल्मी सितारे शामिल थे।