पद्मश्री ओ एन वी कुरुप | |
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प्रो॰ ओ एन वी कुरुप' | |
जन्म |
27 मई 1931 चावरा, कोल्लम जिला, केरल |
मौत |
13 फ़रवरी 2016 | (उम्र 84 वर्ष)
शिक्षा | कला स्नातकोत्तर |
पेशा | कवि, गीतकार एवं व्याख्याता |
जीवनसाथी | सरोजिनी |
बच्चे | राजीवन, मायादेवी |
माता-पिता | ओ एन कृष्ण कुरुप, के लक्ष्मीकुट्टी अम्मा |
ओट्टपलाक्कल नीलकंठन वेलु कुरुप (मलयालम: ഒറ്റപ്ലാക്കല് നീലകണ്ഠന് വേലു കുറുപ്പ് [1][2] ; 27 मई, 1931 – 13 फरवरी, 2016), एक मलयाली कवि और गीतकार थे। वे 'ओ.एन.वी. कुरुप' के नाम से अधिक जाने जाते हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह अक्षरम् के लिए उन्हें सन् 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[3] उन्हें वर्ष 2007 के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया जो भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है।
ओ एन. वी., मलयालम सिनेमा के के गीतकार भी थे। नाटकों और टीवी सिरियलों के लिए भी उन्होने बहुत से गीत लिखे। उन्हें 1998 में पद्मश्री तथा 2011 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 2007 में उन्हें केरल विश्वविद्यालय, तिरुवनंतपुरम द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। ओ एन. वी. को अपने वामपंथी झुकाव के लिए जाना जाता है। [4] 1989 के लोक सभा चुनाव के लिए वे तिरुवनन्तपुरम से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के प्रत्याशी थे। [5]
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