गुड्डी | |
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निर्देशक | ऋषिकेश मुखर्जी |
निर्माता | ऋषिकेश मुखर्जी |
अभिनेता |
धर्मेन्द्र, जया भादुरी उत्पल दत्त ए के हंगल असरानी कैस्टो मुखर्जी |
छायाकार | द्वारका दिवेचा |
संगीतकार |
वसंत देसाई गुलज़ार (गीत) |
प्रदर्शन तिथियाँ |
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लम्बाई |
188 मिनट 204 मिनट(निर्देशक आकृति, भारत) 162 मिनट (अमरीका) |
देश | भारत |
भाषा | हिन्दी |
गुड्डी 1971 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इस फ़िल्म को बाद में सिनेमा पैतियम नामक तमिळ फ़िल्म निर्मित किया गया जिसके प्रमुख कलाकार कमल हासन व जयचित्रा थे।[1]
कुसुम (बनाम गुड्डी) (जया भादुरी) एक चंचल व निश्चिंत विद्यार्थी है जो अपने पिता (ए के हंगल), भैय्या और भाभी (सुमिता सान्याल) के साथ रहती है। वह फ़िल्म अभिनेता धर्मेन्द्र, जो स्वयं को परदे पर दर्शाते हैं, से प्रेमासक्त होती है। उसके बम्बई जाने तक किसीको इस बात का पता नहीं चलता, जहां उसके भाभी का भाई नवीन (समित भांजा) उससे प्रेम करने लगता है। गुड्डी नवीन को धर्मेन्द्र से अपने प्रेम की बात बताती है। उसका प्रेम जीतने नवीन अपने चाचा (उत्पल दत्त) की सहायता लेता है, जो धर्मेन्द्र से परिचित है। उनकी सहायता से सभी गुड्डी को वास्तविक जगत और फिल्म जगत के भेद समझाते हैं जिन्हें समझ गुड्डी नवीन से शादी करने मान जाती है।
सभी गीत गुलज़ार द्वारा लिखित; सारा संगीत वसंत देसाई द्वारा रचित।
क्र॰ | शीर्षक | गायक | अवधि |
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1. | "बोले रे पपीहरा" | वाणी जयराम | 3:35 |
2. | "हरी बिन कैसे जीउँ" | वाणी जयराम | 3:40 |
3. | "हमको मन की शक्ति देना" | वाणी जयराम व बृंद | 4:30 |
इस फ़िल्म में बंबई चलचित्र उधोग के 1960 दशक व 1970 के पूर्व दशक का निर्माणात्मक रूप दिखाया गया जिसमे समकालीन निम्न प्रमुख अभिनेता व अभिनेत्रियों को परदे पर दिखाया गया है:
वर्ष | नामित कार्य | पुरस्कार | परिणाम |
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1972 | जाया भादुरी (एक मात्र नामांकन)[3] | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार | नामित |