दन्ताल्पता (दन्त + अल्पता ; Hypodontia / ओलिगोडॉनशिया) दांतों की वह असामान्यता है जिसमें ६ या ६ से अधिक प्राथमिक दांत, स्थिर और पक्के दांत या फर दोनों प्रकार के ही दांत विकसित नहीं हो पते! यह एक आनुवंशिक रोग है जो किसी किसी मनुष्य में पाया जाता है! इसके अलावा दांतों की कमी अगर ६ से कम होती है तो उस स्थिति में हाइपोडॉनशिया कहलाता है!हाइपोडॉनशिया की स्थति में ५ पक्के दांतों की कमी होती है। प्राथमिक दन्त-विन्यास में जबड़े में से ही दांत कम होते हैं। दांतों की यह कमी जन्मजात होती है और इसमें लगभग ५ दांत कम होते हैं सरे दांतों की गिनती से| [1]
ओलिगोडॉनशिया गर्भावस्था में किसी प्रकार का वायरल रोग हो जाना से, अनुवांशिक पेरिडिसपोजीशन होने से, किसी प्रकार मेटाबोलिज्म में इम्बेलंस हो जाना से या फिर पर्यावरण के कारण कोई असामान्यता हो जाने से भी हो सकता है! ऑटोसोम्स में परिवर्तन होने से भी यह रोग हो जाता है!औटोसोमल डोमिनेंट परिवर्तन होना PAX9 और MSX1 अनुवांश पाए जाते है उन लोगो में जो की मोलर ओलिगोडॉनशिया से पीड़ित होते है! LTBP3 में औटोसोमल रेसस्सिवे अनुवांश पाए गए है जो की ओलिगोडॉनशिया को बदने में मदद करते है! अनुवांश में इन्ही बदलाव के कारण ओलिगोडॉनशिया पाई जाती है जो की जन्मजात रोग है!
दांतों की यह असामान्यता रोगी के अनुवांश से जुडी होती है और अनुवांश के अलावा कुछ पर्यावरण से जुड़े भी कारण होते हैं जो की दांतों की इस स्थति को बढावा देते हैं दांतों के विकास के दौरान|
हाइपोडॉनशिया का इलाज इसके पता लगने के तुरंत बाद ही शुरू हो जाता है जिसमे ख़राब हुए दांतों को निकल दिया जाता है और बचे हुए दांतों का अनुरक्षण किया जाता है।