दरकोट दर्रा | |
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![]() दरकोट दर्रा | |
ऊँचाई | ४,७०३ मीटर (१५,४३० फ़ुट) |
स्थान | ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा / गिलगित-बल्तिस्तान![]() |
पर्वतमाला | हिन्दु राज (हिन्दु कुश) |
निर्देशांक | 36°44′42″N 73°25′59″E / 36.74500°N 73.43306°Eनिर्देशांक: 36°44′42″N 73°25′59″E / 36.74500°N 73.43306°E |
दरकोट दर्रा (Darkot Pass), जो दरकूट दर्रा भी कहलाता है, हिन्दु कुश पर्वतों की हिन्दु राज शृंखला का एक पहाड़ी दर्रा है जो पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के चित्राल ज़िले की बरोग़िल वादी को पाक अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र के ग़िज़र ज़िले की रावत वादी से जोड़ता है। भौगोलिक दृष्टि से यह यरख़ुन नदी घाटी क्षेत्र को यासीन घाटी क्षेत्र से जोड़ता है।[1]
दरकोट दर्रा ग़िज़र ज़िले के सबसे ऊँचे पर्वत, कोयो ज़ुम, से १० मील पूर्व में है। चित्राल ज़िले और गिलगित-बल्तिस्तान के बीच की सरहद दरकोट हिमानी (ग्लेशियर) में स्थित इस दर्रे से गुज़रती है। यहाँ से ८ मील दक्षिण में ग़िज़र नदी के किनारे बसा हुआ दरकोट गाँव है। चित्राल शहर दर्रे से पूर्वोत्तर में है। १० मील पश्चिमोत्तर में चिल्मराबाद गाँव है जो बरोग़िल दर्रे से सिर्फ़ १ मील दक्षिण में पड़ता है।