बाबा 2002 की तमिल भाषा की एक्शन फिल्म है।[1] इसे रजनीकांत ने अपने बैनर लोटस इंटरनेशनल के तहत लिखा और निर्मित किया है।[2] इसका निर्देशन सुरेश क्रिस्ना ने किया है। छायांकन छोटा के. नायडू ने किया है। शीर्षक भूमिका में रजनीकांत हैं जबकि फ़िल्म की हिरोइन मनीषा कोइराला हैं।[3]
फिल्म की शुरुआत बाबा (रजनीकांत) के जन्म से होती है। वह उस संत का अवतार है जो महावतार बाबाजी का भक्त था। बाबा एक नास्तिक और गर्म खून वाले व्यक्ति के रूप में बड़ा होता है। लेकिन वह दिल का साफ़ है। उसकी जीवनशैली में शराब पीना, बीड़ी पीना और तंबाकू चबाना शामिल है। उसकी मां (सुजाता) और मामा (एम.एन. नांबियार) महावतार बाबाजी के भक्त हैं। चामुंडेश्वरी (मनीषा कोइराला) बाबा के पड़ोस में रहती है। वह अक्सर बाबा से झगड़ती है लेकिन अंततः उसकी शैली और रवैये से प्यार करने लगती है। बाबा की राज्य के उपमुख्यमंत्री इप्पो रामास्वामी (आशीष विद्यार्थी) के बेटे के साथ लड़ाई हो जाती है।
रामास्वामी प्रतिशोध के रूप में बाबा की कॉलोनी को ध्वस्त कर देता है। जब बाबा रामास्वामी से भिड़ने वाला होता है तो बाबा की माँ उसे शांत रहने को कहती है। बाबा कॉलोनी के पुनर्निर्माण के लिए मजदूरी करके पैसे कमाने लगाता है। यह देखकर चामुंडेश्वरी की मां उसको कहती है कि वह किसी और से शादी कर ले। चामुंडेश्वरी के पास कोई विकल्प नहीं बचता है और वह बाबा से कहती है कि वह एक दिहाड़ी मजदूर से शादी करने को तैयार नहीं है। तब बाबा को एहसास होता है कि अब तक, वह केवल अपनी माँ के प्रति जवाबदेह रहा है। अगर वह शादी कर लेता है, तो उसे अपनी पत्नी और बच्चों के लिए जीना होगा। उसे लगता है कि प्रेम (प्यार) माया (भ्रम) है और तुरंत उससे संबंध तोड़ लेता है।