बिलग्राम
Bilgram | |
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निर्देशांक: 27°11′N 80°02′E / 27.18°N 80.03°Eनिर्देशांक: 27°11′N 80°02′E / 27.18°N 80.03°E | |
ज़िला | हरदोई ज़िला |
राज्य | उत्तर प्रदेश |
देश | ![]() |
जनसंख्या (2011) | |
• कुल | 25,292 |
भाषाएँ | |
• प्रचलित | हिन्दी |
समय मण्डल | भारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30) |
बिलग्राम (Bilgram) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के हरदोई ज़िले में स्थित एक नगर है।[1][2]
बिलग्राम को भीलग्राम भी कहा जाता है। इस जगह की स्थापना भीलों ने करी थी और उन्हीं के आधार पर यह जगह भीलग्राम यानी 'भीलों का गांव ' नाम पड़ा , इस स्थान का इतिहास काफी पुराना है यह क्षेत्र राजा हिरण्य के समय से ही अस्तित्व में है , करीब 9 से 12 शताब्दी के बीच बाहरी आक्रमणकारियों ने भील राजाओं पर आक्रमण करना शुरू किए और क्षेत्र पर बाहरी लोगो ने आधिपत्य कर लिया। बहुत ही ऐतिहासिक तथा परम्पराओं वाला यह शहर अपने आप में एक मिशाल है । ‘जनाब’ शब्द का जन्म इसी बिलग़्राम से हुआ। तथा बादशाह औरंगज़ेब के सलाहकार इसी शहर से हुए है । इस छोटे से शहर ने बहुत मशहूर शख़्सियत दी । जिनकी लिखी हुई किताबें आज भी इस्लामिक देशों में पढ़ाई जाती है ।
बिलग्राम की स्थिति 27°11′N 80°02′E / 27.18°N 80.03°E है[3] और इसकी मानक समूद्र तल से ऊँचाई 136 मीटर (446 फुट) है।