व्यावसायीकरण या वाणिज्यीकरण अथवा व्यापारीकरण बाजार में नये उत्पादों अथवा उत्पादन विधियों को परिचय देने के लिए अपनाई जाने वाली विधि है। किसी नवीन उत्पाद के बाजार में वास्तविक प्रक्षेपण से पूर्व उत्पाद परिचय, स्थान जहाँ उत्पाद उपलब्ध होगा आदि को लक्षित करने के साथ उत्पाद का प्रचार, विक्रय-बर्धन और विपणन प्रयासों को कहा जाता है।[1]