जगदीश घिमिरे | |
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जन्म | २००२ साल चैत्र २८ गते मन्थली, रामेछाप |
मृत्यु | २०७० साल कार्तिक १४ गते (६८ वर्षको उमेरमे) |
पेशा | लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता |
राष्ट्रियता | नेपाली |
शिक्षा | एम्. ए. समाजशास्त्र पोष्ट ग्य्राजुएट, जनसंख्या |
शैली | जीवनी, फिक्सन, इतिहास |
उल्लेखनीय कामसभ | अन्तर्मनक यात्रा |
उल्लेखनीय पुरस्कार | मदन पुरस्कार, उत्तम शान्ति पुरस्कार |
जीवनसाथी | दुर्गा घिमिरे |
जगदीश घिमिरे (विसं २००२- २०७०) नेपाली लेखक तथा साहित्यकार छल। क्यान्सर सिकिस्त भऽ मृत्युशैयासँ लिखलक अपन आत्मवृर्तान्त "अन्तर्मनक यात्रा"सँ ढेर ख्याति कमावल घिमिरे लाम्बा समयसँ सामाजिक कार्यमेसमेत संलग्न छल।
जगदीश घिमिरेक जन्म वि.सं. २००२, चैत्र २८ गते, रामेछाप जिलाक मन्थली गाममे भेल अछी । ओ प्रारम्भिक शिक्षा नेपाल आ उच्व शिक्षा भारत आ बेलायतसँ प्रात्त केने अछि। छोटेसँ उनकर अभिरुचि साहित्य आ पत्रकारितामे छल। तहिना उनकर समाजशास्त्रमे एम्. ए. आ जनसंख्यामे पोष्ट ग्य्राजुएट डिप्लोमे केने अछि । राष्ट्रिय तथा अन्तराष्ट्रिय गैरसरकारी संस्थासभमे उनकर लाम्बा संलग्नता रहल अछि जसमार्फत उनकर रामेछाप जिलाक सामुदायिक बिकासमे बहुत सहयोग केने अछि। साहित्यिक आ सामाजिक कार्यमे संलग्न भऽ क्रममे उनकर नेपाल, भारत, पाकिस्तान, श्रीलङ्का, केन्या, बेलायत, सिङ्गापुर, फ्रान्स, युगोस्लाभिया, थाइलेण्डजहिना ढेर देश भ्रमण केने अछि। रामेछापमे बिकासनिर्माण आ सामाजिक उत्थानक कार्य करैत घिमिरे ढेर बाधा-विरोधसभक सामना करै परल। मुद उनकर निरन्तर रूपमे समाज रूपान्तरणक काममे लगल रहल।
जगदीश घिमिरेमे निहित संवेदनशीलता उनकर एक मार्मिक सिहित्यसर्जक मात्र नै बनल एक सहृदयी विकासअभियन्ता सेहो बनल। सामाजिक कार्यमे घिमिरेके पत्नी दुर्गा सेहो तहिना साथ देलक। एबीसी नेपालमे कार्यरत दुर्गा घिमिरे ओ प्रथम महिला मध्येक अछी जे बेचेल नेपाली चेलीबेटीके मुम्बइसँ उद्धार कैर लावल साहसिक काममे अग्रणी भुमिका खेलक। २०४६ सालमे घिमिरे दम्पत्तील तामाकोशी सेवा समिति स्थापना कैर रामेछाप जिलाक गरीब जनताक आर्थिक जिवनस्तर सुधारैत सक्रिय भेल। ईक्रममे क्रियाशील जगदीश आ दुर्गा घिमिरेउपर राजनीतिक-सामाजिक विरोधीसभक प्रहार भऽ त स्वभाविक अछी। मुद घिमिरे दम्पत्तीउपर दोश्रो आक्रमण सेहो भेल जब जगदीशके 'माइलोमा' रत्तक्यान्सर भेल। ओकर उपचारक क्रममे भोगे परल दुःख-कष्टक मार्मिक वर्णन घिमिरेक पुस्तक 'अन्तर्मनक यात्रा'मे छि । मुदा जगदीश रोगके सेहो पछालक। ई भयावह रोगक आक्रमणपछा सेहो उनकर वैराग्य आ विगलितमनस्कता नै देखलक । क्यान्सर भेलावाद घिमिरे साहित्यिक सिर्जना आ सामाजिक बिकास अभियानमामे यथावत सक्रिय रहल। घिमिरेक ६८ वर्षक उमेरमे २०७० कार्तिक १४ गते काठमाडौंक ओम अस्पतालमे निधन भेल।घिमिरेक अन्त्येष्टी काठमाडौंकपशुपति आर्यघाटमे भेल। घिमिरेक श्रीमती दुर्गा घिमिरे बेटा हिमाल घिमिरे आ बेटी जुन घिमिरे छी।
उपन्यास, कथा, नाटक आदिक पुस्तक लेखैत आएल घिमिरेक प्रकाशित कृतिसभ[१]
प्रकाशोन्मुख कृतिसभ
सम्पादित, अनूदित आ फुटकर कृति
उनकर कृति अन्तर्मनको यात्रा वि.सं. २०६४ सालक मदन पुरस्कार पावल अछि। घिमिरे मैनाली कथा पुरस्कार सेहो पावल छल। तहिना उनकर अन्तर्मनको यात्राक लेल उत्तम शान्ति पुरस्कार सेहो पावल अछि ।[२]
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